Braces लगवाना एक से दो साल की प्रतिबद्धता है। इससे पहले कुछ काम करवा लेने ज़रूरी होते हैं, और लगवाने के बाद कुछ आदतें बदलनी पड़ती हैं। दोनों की सूची यहाँ है।
Braces लगवाने से पहले
पूरी जाँच और X-ray
Digital X-ray से पता चलता है कि जड़ें किस स्थिति में हैं, कोई दांत हड्डी में फँसा तो नहीं है, और हड्डी का स्तर कैसा है। इसके बिना बनाई गई योजना अधूरी होती है।
कीड़ा और मसूड़ों का इलाज पहले
Bracket लगने के बाद उस दांत की सतह ढक जाती है। अगर वहाँ पहले से कीड़ा है तो वह अंदर ही बढ़ता रहेगा। इसी तरह मसूड़ों की सक्रिय बीमारी के साथ braces लगाना हड्डी के नुक़सान को तेज़ कर देता है। इसलिए scaling और ज़रूरी fillings पहले करवाई जाती हैं। मसूड़ों की बीमारी पर अलग लेख पढ़ें।
कुछ मामलों में दांत निकालना
जब जबड़े में जगह ही न हो, तो कुछ मामलों में एक या दो premolar निकालने पड़ते हैं ताकि बाक़ी दांतों को सीधा करने की जगह बने। यह हर case में ज़रूरी नहीं होता, और इसका फ़ैसला X-ray और नाप के बाद ही होता है।
अपेक्षाएँ स्पष्ट कर लें
पूछें कि कितना समय लगेगा, कितनी visits होंगी, कुल ख़र्च क्या होगा, और नतीजा कैसा दिखेगा। दो साल की प्रतिबद्धता में जल्दबाज़ी नहीं होनी चाहिए।
Braces लगवाने के बाद
पहला हफ़्ता
दांत तीन-पाँच दिन दुखेंगे और brackets गाल पर रगड़ेंगे। नरम खाना, wax और नमक के पानी के कुल्ले — इतना काफ़ी है। दर्द से बचने के उपाय अलग लेख में विस्तार से हैं।
सफ़ाई की नई दिनचर्या
यह सबसे बड़ा बदलाव है। हर बार खाने के बाद brush करना होगा — सिर्फ़ सुबह-शाम नहीं। Interdental brush ख़रीद लें; braces के साथ यह ज़रूरी उपकरण है, विलासिता नहीं।
ठीक से सफ़ाई न होने पर हर bracket के चारों ओर सफ़ेद चौकोर निशान बन जाते हैं, जो braces उतरने के बाद भी हमेशा के लिए रह जाते हैं। यह braces का सबसे आम और सबसे टाला जा सकने वाला नुक़सान है।
खाने में बदलाव
बर्फ़, सख़्त मेवे, चिक्की, गजक, गन्ना, टॉफ़ी और च्युइंग गम बंद। सेब, अमरूद और गाजर काटकर खाएँ। भुट्टा दानों को छुड़ाकर खाएँ।
हर appointment पर जाएँ
हर 4 से 6 हफ़्ते में tightening होती है। एक-दो visits छोड़ देने से इलाज महीनों लंबा हो जाता है।
खेलकूद
अगर आप कोई संपर्क वाला खेल खेलते हैं तो mouthguard के बारे में हमसे पूछें। Braces के साथ चोट लगने पर होंठ के अंदर गहरा कट लग सकता है।
और आख़िर में — retainer
Braces उतरने के बाद इलाज ख़त्म नहीं होता। दांतों में वापस लौटने की प्रवृत्ति होती है, जिसे relapse कहते हैं। Retainer न पहनने पर कुछ महीनों में ही दांत खिसकने लगते हैं।
हम या तो आगे के दांतों के पीछे एक पतला तार चिपकाते हैं, या रात में पहनने वाला पारदर्शी retainer देते हैं, या दोनों। यह छोटी सी आदत है जो दो साल की मेहनत को स्थायी बना देती है।
जबलपुर में braces की जाँच के लिए मदन महल स्थित क्लिनिक पर आएँ। फ़ोन 8359017239। विस्तार से पढ़ें: Teeth Braces Jabalpur।

