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टेढ़े-मेढ़े दांत? कम उम्र में ब्रेसेस लगवाने के फ़ायदे

· Braces & Orthodontics · 1 min read

टेढ़े-मेढ़े दांत सिर्फ़ दिखने की समस्या नहीं हैं। वे साफ़ करने में मुश्किल होते हैं, असमान रूप से घिसते हैं, और जबड़े के जोड़ पर अनावश्यक दबाव डालते हैं। और सबसे ज़रूरी बात — इन्हें ठीक करने का सबसे आसान समय बचपन और किशोरावस्था है।

सही उम्र क्या है?

Braces लगाने की सबसे उपयुक्त उम्र आमतौर पर 10 से 14 साल मानी जाती है। इस उम्र तक दूध के दांत गिर चुके होते हैं और स्थायी दांत आ चुके होते हैं, लेकिन जबड़ा अभी बढ़ ही रहा होता है।

यही बढ़ता हुआ जबड़ा सबसे बड़ा फ़ायदा है। बढ़ती हुई हड्डी में दांत ज़्यादा आसानी से और तेज़ी से हिलते हैं। इसके अलावा कुछ मामलों में जबड़े की बढ़त को ही दिशा दी जा सकती है — जैसे ऊपर का जबड़ा बहुत आगे हो या नीचे का पीछे। यह अवसर एक बार जबड़े की बढ़त रुक जाने के बाद वापस नहीं आता; तब वही सुधार बहुत जटिल या शल्य चिकित्सा से ही संभव रह जाता है।

पहली जाँच 7 साल की उम्र में

यह सुनकर जल्दी लगता है, लेकिन इसका मतलब braces लगाना नहीं है। 7 से 9 साल की उम्र में एक बार orthodontist को दिखाने का मक़सद सिर्फ़ यह देखना है कि सब कुछ ठीक दिशा में बढ़ रहा है या नहीं।

इस उम्र में जो चीज़ें पकड़ में आ जाती हैं:

  • Crossbite — ऊपर के दांत नीचे के दांतों के अंदर काटते हों। जितनी जल्दी ठीक हो, उतना आसान
  • बहुत ज़्यादा crowding — जगह की कमी, जिसका अंदाज़ा पहले से लगाकर योजना बनाई जा सकती है
  • दांत का हड्डी में फँसा होना — ख़ासकर ऊपर का canine, जो X-ray में ही दिखता है
  • अंगूठा चूसने का असर — जो आगे के दांतों को बाहर धकेल देता है
  • दूध का दांत जल्दी गिर जाना, जिससे बग़ल के दांत उस जगह में खिसक आते हैं

इनमें से कई समस्याओं में एक छोटा सा उपकरण कुछ महीनों के लिए लगाकर बाद की लंबी और महँगी orthodontic प्रक्रिया से बचा जा सकता है।

देर करने पर क्या होता है?

देर करना असंभव नहीं बनाता — बड़ों का इलाज भी पूरी तरह होता है — लेकिन कठिन ज़रूर बना देता है:

  • इलाज में ज़्यादा समय लगता है क्योंकि हड्डी धीमी गति से बदलती है
  • जबड़े की बनावट की समस्याएँ अब सिर्फ़ दांत हिलाकर ठीक नहीं होतीं
  • टेढ़े दांतों के बीच सालों तक जमा plaque से कीड़ा और मसूड़ों की बीमारी हो चुकी होती है
  • असमान bite से कुछ दांत घिस या टूट चुके होते हैं
  • कुछ मामलों में दांत निकालने की नौबत आ जाती है, जो पहले टाली जा सकती थी

बच्चे के दांतों में इन बातों पर ध्यान दें

  • दांत एक-दूसरे पर चढ़े हुए या बहुत दूर-दूर हों
  • मुँह बंद करने पर ऊपर और नीचे के दांत ठीक से न मिलें
  • बच्चा एक ही तरफ़ से चबाता हो
  • जबड़े से आवाज़ आती हो
  • मुँह से साँस लेने की आदत हो
  • 4-5 साल के बाद भी अंगूठा चूसता हो
  • दूध का दांत गिरे बिना नीचे से स्थायी दांत निकल आया हो

क्या इंतज़ार करना चाहिए कि सारे दांत आ जाएँ?

ज़्यादातर मामलों में हाँ — पूरा braces का इलाज तभी शुरू होता है। लेकिन जाँच के लिए इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं। जाँच मुफ़्त जानकारी देती है: या तो पता चलेगा कि सब ठीक है, या यह पता चलेगा कि दो साल बाद क्या करना होगा — और दोनों ही जानने लायक़ बातें हैं।

जबलपुर में बच्चों के दांतों की orthodontic जाँच डॉ. अभिनव श्रीवास्तव MDS करते हैं। Teeth Braces Jabalpur पेज पर पूरी जानकारी है। समय लेने के लिए फ़ोन करें 8359017239

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