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Wisdom Teeth Extraction Jabalpur (In Hindi)

फँसी और दर्द करने वाली अक़्ल दाढ़ local anaesthesia में निकाली जाती है।

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संक्षेप में: अक़्ल दाढ़ (wisdom tooth) सबसे आख़िर में, आमतौर पर 17 से 25 साल की उम्र में निकलती है। जगह न होने पर यह फँस जाती है — जिसे impacted कहते हैं — और दर्द, infection तथा आगे वाले दांत को नुक़सान पहुँचाती है। हर अक़्ल दाढ़ निकलवाना ज़रूरी नहीं, पर जिन्हें ज़रूरत हो उन्हें टालना नहीं चाहिए।

अक़्ल दाढ़ से इतनी परेशानी क्यों?

समय के साथ इंसान के जबड़े छोटे होते गए हैं जबकि दांतों की संख्या वही रही। जब तीसरी molar आती है, तब तक जबड़े में अक्सर जगह नहीं बचती। दांत फिर भी ज़ोर लगाता है और आगे वाले molar से टकराकर टेढ़ा फँस जाता है, या आधा मसूड़े से बाहर निकलकर रुक जाता है, या हड्डी में ही दबा रह जाता है।

आधी निकली हुई अक़्ल दाढ़ सबसे ख़राब स्थिति है: bacteria के अंदर जाने का रास्ता बन जाता है, पर आप वहाँ सफ़ाई नहीं कर सकते।

परेशानी के संकेत

  • जबड़े के बिल्कुल पीछे दर्द या टीस, ख़ासकर नीचे के जबड़े में
  • आधे निकले दांत के ऊपर लाल, सूजा मसूड़ा — इसे pericoronitis कहते हैं और यह बार-बार होता है
  • मुँह पूरा न खुलना या निगलने में दर्द
  • बुरा स्वाद या बदबू मसूड़े के नीचे से रिसाव के कारण
  • गाल या जबड़े पर सूजन, कभी-कभी बुख़ार के साथ — इसे उसी दिन दिखाएँ
  • अक़्ल दाढ़ और आगे वाले दांत के बीच लगातार खाना फँसना
  • आगे वाले दांत में कीड़ा ठीक उस जगह जहाँ अक़्ल दाढ़ दबाव डालती है — यह एक अच्छे-भले दांत को खोने का बहुत आम और टाला जा सकने वाला कारण है

कब निकालने की ज़रूरत नहीं होती

जो अक़्ल दाढ़ पूरी तरह और सीधी निकल आई है, सामने वाले दांत से ठीक से मिलती है, और जिसे brush किया जा सकता है — उसे छेड़ने की ज़रूरत नहीं। वह एक काम करने वाली molar है। हम बिना तकलीफ़ वाले स्वस्थ दांत को निकालने की सलाह नहीं देते।

हम तब निकालने को कहते हैं जब दांत फँसा हुआ और तकलीफ़देह हो, बार-बार infection हो, उसमें या आगे वाले दांत में कीड़ा लग रहा हो, उसके चारों ओर cyst बन गई हो, या orthodontic योजना के लिए जगह चाहिए हो।

पहले X-ray

Digital X-ray से दांत का कोण, उसकी जड़ों की संख्या और आकार, ऊपर कितनी हड्डी है, और सबसे महत्वपूर्ण — जड़ें नीचे के जबड़े में चलने वाली nerve से कितनी क़रीब हैं, यह सब पता चलता है। इसी से सर्जरी का तरीक़ा तय होता है, और यह आपसे पहले ही चर्चा की जाती है।

प्रक्रिया कैसी होती है?

  1. सुन्न करना। पहले numbing gel, फिर local anaesthesia। आप जागते रहते हैं; जगह पूरी तरह सुन्न रहती है। दबाव महसूस होगा, दर्द नहीं
  2. रास्ता बनाना। पूरी निकली दाढ़ अक्सर सीधे उठा ली जाती है। फँसी दाढ़ के लिए मसूड़े में छोटा चीरा और कभी-कभी थोड़ी हड्डी हटानी पड़ती है
  3. टुकड़े करना। फँसे दांतों को अक्सर दो-तीन टुकड़ों में काटकर निकाला जाता है। सुनने में डरावना लगता है, पर असल में यही ज़्यादा सुरक्षित तरीक़ा है — इसमें हड्डी बहुत कम हटती है
  4. बंद करना। सॉकेट साफ़ करके ज़रूरत हो तो टाँके लगाए जाते हैं

सीधी निकासी में 15 से 20 मिनट। गहराई में फँसी नीचे की दाढ़ में 30 से 45 मिनट लग सकते हैं।

बाद की देखभाल — यही आपका हफ़्ता तय करती है

पहले 24 घंटे

  • Gauze को 30 से 45 मिनट तक मज़बूती से दबाकर रखें। उसके बाद हल्का रिसाव सामान्य है
  • कुल्ला न करें, ज़ोर से न थूकें, straw का इस्तेमाल न करें, धूम्रपान न करें। इनमें से हर एक सॉकेट के अंदर बना ख़ून का थक्का हटा सकता है, जिससे dry socket हो जाता है — बेहद दर्दनाक स्थिति जो healing को कई दिन पीछे धकेल देती है
  • गाल पर बर्फ़ की सिकाई, 15 मिनट लगाकर 15 मिनट हटाकर
  • नरम और ठंडा खाना। पानी पीते रहें
  • दर्द निवारक दवा सुन्नपन ख़त्म होने से पहले लें, दर्द शुरू होने के बाद नहीं

दूसरे से सातवें दिन

  • दूसरे दिन से गुनगुने नमक के पानी से हल्के कुल्ले शुरू करें
  • सूजन आमतौर पर दूसरे-तीसरे दिन सबसे ज़्यादा होकर फिर घटने लगती है
  • बाक़ी दांत सामान्य रूप से brush करें; सॉकेट पर brush न लगाएँ
  • दी गई antibiotic का पूरा कोर्स लें
  • कुछ दिन भारी व्यायाम, शराब और धूम्रपान से बचें। Dry socket का सबसे बड़ा कारण धूम्रपान है

हमें फ़ोन करें अगर

  • तीसरे से पाँचवें दिन दर्द कम होने की जगह अचानक बढ़ जाए — यह dry socket का लक्षण है
  • दबाव देने पर भी ख़ून न रुके
  • तीसरे दिन के बाद भी सूजन बढ़ती रहे, या बुख़ार हो
  • मुँह बिल्कुल न खुले, या कुछ दिनों बाद भी होंठ या ठोड़ी सुन्न रहे

ठीक होने में कितना समय?

ज़्यादातर लोग एक दिन आराम करके दो-तीन दिन में सामान्य कामकाज पर लौट आते हैं। सूजन और जबड़े की जकड़न लगभग एक हफ़्ते में ठीक हो जाती है। सॉकेट में हड्डी भरने में कुछ हफ़्ते लगते हैं, जो आपको महसूस नहीं होगा। किसी ज़रूरी काम से ठीक पहले यह appointment न लें।

जबलपुर में अक़्ल दाढ़ निकलवाना

मदन महल स्थित हमारे क्लिनिक में अक़्ल दाढ़ की जाँच और निकासी — impacted मामलों सहित — local anaesthesia में, क्लिनिक में ही digital X-ray की सुविधा के साथ की जाती है। अगर चेहरे पर सूजन है या मुँह ठीक से नहीं खुल रहा, तो appointment का इंतज़ार न करें, फ़ोन करें।

Frequently asked questions

क्या हर अक़्ल दाढ़ निकलवानी ज़रूरी है?

नहीं। जो अक़्ल दाढ़ पूरी और सीधी निकल आई है, सामने वाले दांत से ठीक मिलती है और जिसे brush किया जा सकता है, उसे छेड़ने की ज़रूरत नहीं। बिना तकलीफ़ वाले स्वस्थ दांत को निकालने की सलाह हम नहीं देते।

ठीक होने में कितना समय लगता है?

ज़्यादातर लोग एक दिन आराम करके दो-तीन दिन में सामान्य काम पर लौट आते हैं। सूजन और जकड़न लगभग एक हफ़्ते में ठीक होती है। किसी ज़रूरी काम से ठीक पहले यह appointment न लें।

Dry socket क्या है और कैसे बचें?

जब सॉकेट का ख़ून का थक्का हट जाता है और हड्डी खुल जाती है — बहुत दर्दनाक और healing कई दिन पीछे चली जाती है। पहले 24 घंटे कुल्ला, ज़ोर से थूकना, straw और धूम्रपान से बचें। सबसे बड़ा कारण धूम्रपान है।

दांत निकलवाने के बाद कब फ़ोन करें?

अगर तीसरे से पाँचवें दिन दर्द कम होने की जगह बढ़े, ख़ून दबाव देने पर भी न रुके, तीसरे दिन के बाद सूजन बढ़ती रहे या बुख़ार हो, या कुछ दिनों बाद भी होंठ-ठोड़ी सुन्न रहे।

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