दाँत में तेज दर्द हो तो पहले दर्द का कारण पता करना जरूरी है। कभी यह फँसे भोजन या कैविटी से जुड़ा होता है, कभी टूटे दाँत, मसूड़े की समस्या या जड़ के संक्रमण से। दर्द थोड़ी देर के लिए कम हो जाए, तब भी समस्या खत्म हुई हो, यह मानना सही नहीं है।
कौन से लक्षण तुरंत ध्यान माँगते हैं?
चेहरे या जबड़े की बढ़ती सूजन, बुखार, लगातार धड़कता दर्द, चोट से टूटा दाँत, मुँह खोलने में कठिनाई या मसूड़े पर सूजी हुई जगह हो तो जल्द dentist से बात करें। साँस लेने या निगलने में कठिनाई हो तो सीधे आपात चिकित्सा सहायता लें। क्लिनिक में फोन करके लक्षण बताएं; वहाँ उपलब्ध समय के अनुसार appointment तय होगा।
Appointment तक सुरक्षित शुरुआती कदम
- मुँह को गुनगुने पानी से धीरे कुल्ला करें और फँसे भोजन को सावधानी से floss से हटाएँ।
- दर्द वाले हिस्से पर बहुत गरम या बहुत ठंडा भोजन लेने से बचें, यदि उससे दर्द बढ़ता हो।
- गाल पर बाहर से कुछ मिनट ठंडी सिकाई की जा सकती है; बर्फ सीधे मसूड़े पर न रखें।
- Aspirin या जलन पैदा करने वाला घरेलू पदार्थ सीधे दाँत या मसूड़े पर न रखें।
- दर्दनाशक अपनी उम्र, अन्य बीमारी और नियमित दवाओं के अनुसार डॉक्टर या pharmacist की सलाह से लें। अपने आप antibiotic शुरू न करें।
Dentist दर्द का कारण कैसे पता करता है?
जाँच में dentist पूछेगा कि दर्द कब शुरू हुआ, चबाने या ठंडे-गरम पर क्या होता है, और क्या सूजन है। दाँत और मसूड़े देखकर जरूरत के अनुसार digital dental X-ray लिया जा सकता है। फिर filling, root canal, gum care या अन्य विकल्प समझाए जाते हैं। हर toothache में root canal नहीं होता; जाँच के बाद ही निर्णय होता है।
क्या दर्द अपने आप ठीक हो सकता है?
दर्द का रुक जाना भरोसेमंद संकेत नहीं है। यदि दाँत के भीतर की नस प्रभावित है तो लक्षण बदल सकते हैं, जबकि मूल कारण बना रह सकता है। दोबारा दर्द, सूजन या चबाने में तकलीफ होने पर जाँच टालें नहीं। यह भी पढ़ें: Root Canal या दाँत निकलवाना?
जबलपुर में अगला कदम
Abhinav Dental Care, मदन महल में दाँत दर्द की जाँच के लिए appointment या फोन पर संपर्क करें। यह लेख जानकारी देता है; व्यक्तिगत diagnosis या emergency treatment का विकल्प नहीं है।

