Teeth Braces Jabalpur (In Hindi)

टीथब्रेस तार वाले उपकरण होते है, इनका उपयोग ऑथ्रोडॉनिट्स्ट करते है। टीथब्रेस को डेंटल ब्रेसेस भी कहा जाता है। आम बोल चाल मे इसे दांतों मे तार लगवाना भी कहा जाता है। टीथब्रेस का उपयोग टेढ़े- मढ़े दांतों को सीधा करने के लिये किया जाता है। दांतों मे तार लगवाने से हमे खाना चबाने मे भी आसानी होती है और हमारे दांतों का स्वास्थय भी ठीक रहता है। ब्रेसेस दांतों के बीच जो खाली जगह है उसे भरने मे भी मदद करता है।

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Teeth Braces का उपयोग कब किया जाता है:-

Teeth Braces का उपयोग तब किया जाता है जब नीचे या ऊपर के जबड़े के दांत बाहर निकले हो, या दांत एक लाइन से न हो, दोनों जबड़ो के बीच के दांत आपस मे नही मिलते या केवल बीच के दांत आपस मे मिलते हो। कुछ दांत अधिक अंदर तो कुछ दांत अधिक बाहर हो, दांत टेढ़े-मढ़े हो, दंतों या जबड़ो मे अन्य तरह की परेशानी हो।  

समान्यता टीथ ब्रेसस किशोर अवस्था मे 10 से 14 साल की उम्र मे लगवाये जाते है इस समय हमारे मुंह और सिर बढ रहा होता है और दांत आसानी से सीधे हो जाते है।, इसे वयस्क लोग भी लगवा सकते है। यदि आप अपने दांतों मे ब्रेसेस लगवना चाहते है तो ब्रेसेस के बारे मे जानना जरूरी होता है, ब्रेसेस दो प्रकार के होते है।

  1. फ़िक्स्ड ब्रेसेस- ये ब्रेसेस १२ से १४ महीनो के लिये लगाये जाते है। यदि आप के दांतों मे ज्यदा परेशानी है तो इसका समय बढ़ सकता है।
  2. रेमोवबले ब्रेसेस- ये ब्रेसेस फ़िक्स्ड ब्रेसेस की तुलना मे कम समय के लिये उपयोग होते है। रेमोवबले ब्रेसेस को आप निकाल भी सकते है।

Teeth Braces के प्रकार:-

Teeth Braces तीन प्रकार के होते है।

१ मेटल ब्रेसेस या पारंपरिक ब्रेसेस- ये मेटल के बने तार होते है, इन तारो को अच्छे से दांतों मे सेट कर दिया जाता है जिससे ये सही फिटिंग देते है।आधुनिक ब्रैकेट्स आकार मे छोटे और कम ध्यान आकषित करने वाले होते है। साथ ही गर्मी से सक्रिय होने वाले नये प्रकार के तार आपके शरीर की गर्मी का उपयोग करके आप के दांतों को जल्दी सही कर देते है। पहले की अपेक्षा अब दर्द भी कम होता है। ये सस्ते भी होते है।

सेरमिक ब्रेसेस:- सिरेमिक ब्रेसेस आकार और आकृति मे मेटल ब्रेसेस की तरह होते है। सेरेमिक ब्रेसेस का रंग दांतों के रंगो से मिलता है। ये पारदर्शी होते है। कुछ लोग तो दांतों के रंग का तार उपयोग करते है। जिससे ये कम दिखते है।सेरमिक ब्रेसेस, मेटल ब्रेसेस के मुकाबले कम ध्यान आकर्षित करते है और प्लास्टिक अलाइनर की तुलना मे दांत जल्दी ठीक होते है। इसमे मेटल ब्रेसेस की तुलना मे अधिक खर्च लगता है। यदि सेरमिक ब्रेसेस लगते समय उसकी सही से सफाई ना करे तो ब्रेकेट्स के आस-पास आसानी से दाग बन सकते है।

लिंगुअल ब्रेसेस:- ये ब्रेसेस मेटल ब्रेसेस की तरह होते है, अंतर सिर्फ इतना है कि इसमे ब्रैकेट और तार दांतों के अंदर की ओर लगाये जाते है। ये ब्रेसेस बाहर से नही दिखता है। लिंगुअल ब्रेसेस अधिक महगे आते है और इसे साफ करना मुश्किल होता है।