Root Canal Jabalpur (In Hindi)

Root canal treatment क्या है और इसे क्यो करवाते है।

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पहले जब हमारे दंतों मे infection बढ़ जाता था, या उसमे कीड़े लग जाते थे तो दांतों मे धातु को भरा जाता था। यदि दांत ज्यदा खराब हो जाते तो दांतों को निकाल दिया जाता था। परंतु आज-कल दांतों को निकालने की जगह उस दांत की मरम्मत की जाती है। कीड़े लगे दांतों को बचाने मे root canal बहुत ही कारगर इलाज के रूप मे सामने आया है। root canal मे दांत की जड़ के अंदर की कैनाल्स की सफाई की जाती है। हमारे दांतों के 2 हिस्से होते है। एक दांत का हिस्सा जो मसूड़ो के ऊपर दिखता है उसे क्राउन कहते है। दांत का दूसरा हिस्सा जो मसूड़ो के अंदर रहता है उसे जड़ या root कहा जाता है। दांतों मे क्राउन के 3 भाग होते है।

  1. Enamel (इनेमल):- यह सबसे बाहर का सफेद पत्थर के जैसा कड़क भाग होता है, इसे enamal कहा जाता है। 
  2. Dentin (डेंटिन):- दांत के बीच के भाग को dentin कहा जाता है।
  3. Pulp (पल्प):- दंतों के सबसे अंदर के भाग को pulp कहा जाता है, pulp के अंदर blood vessels, Nerves, Connective Tissue रहते है। pulp दंतों के क्राउन से लेकर रूट तक फैला रहता है। पल्प के अंदर से दांत के रूट तक एक नहर समान हिस्सा होता है जिसे root cannal कहा जाता है।

यदि दांतों की सड़न दांतों के root पर पहुंच गई है तो ऐसे मे आप को Root Canal Treatment करान जरूरी हो जाता है। हर- बार दांतों की सड़न मे Root Canal Treatment हो ये जरूरी नही। दांतों मे सड़न कितनी है और उसमे root canal treatment लेना है या नही ये डॉक्टर तय करता है। जबलपुर शहर मे Abhinav Dental Care है जहां, Root Canal Treatment बहुत अच्छा होता है।

Root Canal Treatment steps:-

Root canal treatment करने से पहले डेंटिस्ट patient की जांच अच्छे से करते है। जरूरत होने पर दांतों का x-ray, blood test, blood pressure चेक करवाते है। यदि सूजन ज्यदा होती है तो एंटीबायोटिक देते है। 

  • Root canal treatment करने से पहले डॉक्टर पेशंट का दर्द खत्म करने के लिए उसे दांतों मे अनेस्थेटिक इंजेक्शन देते है।
  • इसके बाद दांतों के रूट से सड़न निकालने के लिए क्राउन के हिस्से से दांत मे ड्रिल कर रूट के हिस्से तक पहुंचा जाता है।
  • इसके बाद पल्प और रूट मे जो सड़ा हुआ हिस्सा है उसे अलग किया जाता है।
  • मैडिसिन की सहायता से पल्प और रूट के हिस्से को पूरा साफ किया जाता है।
  • जो root canal का साफ हिस्सा है उसे द्वाई डाल कर, फिलिंग किया जाता है।
  • Root canal की फिलिंग करने के बाद दांत के बचे ऊपरी हिस्से को भी फिलिग किया जाता है और ऊपर पर दांत के आकार की कैप लगा दी जाती है। 

Root canal treatment के बाद डॉक्टर की सलाहनुसार आप एंटीबायोटिक और दर्दनाशक दवा लेते रहे। सुबह- शाम ब्रश करे और दांतों को साफ रखे। root canal treatment के समय पेशंट के दांतों सुन्न किया जाता है, इससे दर्द नही होता है। यदि सही तरीके से root canal treatment किया जाए तो कोई परेशानी नही होती है।