Wisdom Teeth Extraction Jabalpur (In Hindi)

Wisdom teeth को आम- बोल चाल मे अक्ल दाढ़ भी कहा जाता है। ये दांतों का तीसरा सेट होता है, या फिर हम यह कह सकते है की ये जबड़ो मे सबसे पीछे आने वाली दाढ़ होती है। wisdom teeth आने का समय किशोरावस्था के बाद है, हम कह सकते है की wisdom teeth 16 साल की उम्र के बाद कभी भी आ सकती है। wisdom teeth जबड़े मे सबसे पीछे आती है यदि जबड़े का आकर पयाप्त न होतो इसे पूरी जगह नही मिल पाती है। ऐसे मे wisdom teeth फंसी हुई अवस्था मे होता है जिससे मुंह मे दर्द बना रहता है। यही वजह है कि अक्सर लोग इसे पूरा आने से पहले ही निकलवा देते है।

Read in English – http://abhinavdentalcare.com/wisdom-tooth-extraction/

क्या समस्या होती है?

Wisdom teeth, अक्सर दाढ़ टेढ़ी निकलती है, जिससे खाने मे भी तकलीफ होती है, जब यह दाढ़ टेढ़ी निकलती है तो इससे मसूड़ो मे इन्फ़ैकशन हो जाता है। मसूड़ा फूल जाना, उसमे से मवाद आने लगती है। जिसे पेरीकोरोनाइटिस कहा जाता है। ऐसी समस्या होने पर हमे डॉक्टर से तुरंत सलाह लेनी चाहिये।अगर आप की wisdom teeth की दाढ़ टेढ़ी है तो इसे निकलवाना ही बेहतर होता है, दाढ़ टेढ़ी होने के कारण इसमे लगातार दर्द बना हुआ रहता है। इससे आस-पास के दांतों मे भी इन्फ़ैकशन हो सकता है। इस कारण होने वाला दर्द एक बड़ी समस्या है।

हमारे मुंह मे खाना खाने के लिए प्रयोग आने वाली दाढ़े, जबड़े की छठे या सातवे नंबर की होती है। wisdom teeth पीछे होने के कारण मुंह मे इसका उपयोग कम ही होता है। अब आप 30 साल की उम्र मे भी wisdom teeth निकलवा कर डेंटल पल्स स्टेम सेल्स को संरक्षित भी करवा सकते है, जो कई जानलेवा बीमारियों के इलाज मे मददगार साबित हो सकती है।

Wisdom teeth सामान्य दांतों की तरह नही निकाल सकते क्योकि ये दाढ़े अक्सर टेढ़ी-मेढ़ी आती है, टेढ़ी-मेढ़ी होने के कारण इसे निकलवाने की लिए छोटी से surgery करवानी पड़ती है। कुछ लोगो को wisdom teeth के आने से ज्यादा दर्द नही होता है इसलिये इसे बिना किसी surgery के निकाला जा सकता है। 

यदि आप wisdom teeth extract करवाना चाहते है तो, आप के जबलपुर शहर मे Abhinav Dental Care मे treatment करवा सकते है।

इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए) के नेशनल ओरल हेल्थ प्रोग्राम के एक सर्वे के अनुसार एक बात सामने आई है की खानपान मे गड़बड़ी के कारण बच्चो का जबड़ा छोटा हो जाता है। जबड़े के सकरे होने के कारण wisdom teeth के लिये मुंह मे जगह नही बचती है और मुंह मे बत्तीस की जगह अट्टाइस दांत ही आ पाते है।